Expressway In Bihar : बिहार के लोगों को लगातार सड़क का सौगात मिल रहा है। आए दिन पुल-पुलियां और लंबी लंबी सड़कों की सौगात मिल रही है। जिससे कि बड़े शहरों के कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है। बता दे की 132 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे का निर्माण होने वाला है। इस नई एक्सप्रेसवे से बिहार के लोगों को अब दिल्ली पहुंचना बहुत ही आसान हो जाएगा। आईए जानते हैं बिहार के कौन से जिले से दिल्ली पहुंचना बहुत ही आसान होगा। किस रूट पर नई एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। नीचे की खबर में पूरी जानकारी बताएंगे।
Expressway In Bihar : उत्तर बिहार और पूर्वांचल के बीच बनेगी नई एक्सप्रेसवे
सड़कों का जल बिहार के चारों तरफ बिछाया जा रहा है। हर एक हाइवे को नेशनल हाईवे से कनेक्ट किया जा रहा है। बता दे की 132 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे का निर्माण होगा। दरअसल उत्तर बिहार और पूर्वांचल के बीच कनेक्टिविटी को नहीं रफ्तार मिलने वाला है।
गाजीपुर -बलिया -मांझी फोरलेन एक्सप्रेसवे का निर्माण होने वाला है। जानकारी के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से शुरू होने की उम्मीद है, जो की बलिया होते हुए बिहार तक पहुंचेगी। बिहार राज्य में छपरा, हाजीपुर और पटना जैसे प्रमुख शहरों तक यह एक्सप्रेस में पहुंचेगी।
छपरा और दिल्ली के बीच सफर हो जाएगा आसान
साफ तौर पर यह कहा जा रहा है कि, यह नई एक्सप्रेसवे बन जाने के बाद कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। गाजीपुर -मांझी एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ दिया जाएगा, जिससे कि दिल्ली और लखनऊ से आने जाने वाली गाड़ी सीधे बिहार के मांझी और छपरा क्षेत्र से संपर्क हो सकेंगे। यानी कि छपरा से दिल्ली जाना आना बहुत ही आसान हो जाएगा।
इसके साथ ही लोगों के चार से पांच घंटे समय की बचत भी होगी। बिहार सीमा पर स्थित मांझी पुल इस एक्सप्रेसवे, छपरा, हाजीपुर और पटना तक निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इस कॉरिडोर के जरिए औद्योगिक और कृषि उत्पादकों की धुलाई भी आसानी से हो पाएगा।
मिलेगा नई रोजगार का अवसर
आप सभी को बता दे कि यह एक्सप्रेस में यातायात व्यवस्था में क्रांति लाने का बताया जा रहा है। गाजीपुर से बलिया तक इस एक्सप्रेसवे का करीब 42 किलोमीटर लंबा हिस्सा आता है। ऐसा बताया जा रहा है कि इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य जो बहुत तेजी से हो रहा है।
भूमि अधिग्रहण का काम हो रहा है और सिविल वर्क भी जोर-शोर से लगे हुए हैं। इस एक्सप्रेसवे से व्यापार के साथ-साथ रोजगार का नया अवसर भी मिलेगा। दरअसल यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ेगी बल्कि पूरे पूर्वी भारत की आर्थिक और सामाजिक गति को एक नई दिशा देगी। पूर्वांचल से बिहार की कनेक्टिविटी और विकास को बढ़ावा मिलेगा।