First Class Admission 2025 : पहली क्लास में एडमिशन की उम्र सीमा हुआ तय, सरकारी और प्राइवेट दोनों स्कूलों को निर्देश हुआ जारी।

First Class Admission 2025 : बच्चों की पहली क्लास में एडमिशन के लिए आयु सीमा निर्धारित किया गया है। अगर आप भी अपने बच्चों का एडमिशन कराने के लिए सोच रहे हैं तो सबसे पहले सरकार की तरफ से जारी किए गए यह दिशा निर्देश को आपको पढ़ लेना चाहिए। वरना एडमिशन आपके बच्चे को नहीं मिलेगा। आईए जानते हैं बच्चों के पहली क्लास में एडमिशन के लिए कितना उम्र निर्धारित किया गया है।

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First Class Admission 2025 : पहली क्लास में एडमिशन की उम्र सीमा हुआ तय

देश की राजधानी दिल्ली के सभी स्कूलों में अकादमी सेशन 2026-27 से क्लास- 1 में एडमिशन (Class First Admission) के लिए उम्र सीमा 6 साल में तय किया गया है। 6 साल के बच्चे क्लास फर्स्ट में एडमिशन ले सकते है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने यह हम फैसला सुनाया है कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) के तहत अगले स्टेशन से 3 साल की प्री प्राइमरी एजुकेशन जरूरी होगा।

बता दे की NEP 2020 में इसे बाल वाटिका का नाम भी दिया गया है। इसमें बच्चा 3 साल बिताएगा। वहीं केंद्रीय विद्यालय समेत कई राज्य सरकार इसे पहले ही लागू कर दिया है। दिल्ली के सभी स्कूलों को इसका इंतजार भी बेसब्री से था। दिल्ली के केंद्रीय विद्यालय (Delhi KVS Admission) में इसी हिसाब से दाखिला चल रहा है।

दिल्ली में दाखिला का उम्र का ढांचा बदल रहा है

बता दे कि दिल्ली के एजुकेशन डायरेक्टर वेदिता रेड्डी के तरफ से निदेशालय (NEP) के तहत अब फाउंडेशन स्टेज यानी प्रारंभिक शिक्षा और न्यूनतम उम्र ढांचा भी बदला जा रहा है। उन्होंने बताएं कि 3 साल की फ्री प्राइमरी एजुकेशन अनिवार्यज होगी।

इस हिसाब से सेशन 2026-27 से पहली क्लास में दाखिला उन्हें बच्चों को मिलेगा जिन्होंने 6 साल की उम्र पूरा कर लिया है। शिक्षा निदेशालय ने सर्कुलर जारी करके कहा कि अगले सेशन के लिए विस्तार से गाइडलाइंस स्कूलों को भेजा जाएगा। निदेशालय ने नई व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित लोगों, टीचर्स, स्कूल मैनेजमेंट, बच्चों के पेरेंट्स, विशेषज्ञ और आम लोगों से 10 जुलाई तक सुझाव मांगे हैं। सुझाव के लिए जीमेल आईडी (schoolbranchnep@gmail.com) भी दिए गए हैं।

बाल वाटिका के साथ बढ़ेगा एक क्लास

स्कूलों के ग्रुप, नेशनल प्रोगेसिव स्कूल कॉन्फ्रेंस की पूर्व अध्यक्ष और आईटीआई स्कूल की प्रिंसिपल सुधा आचार्य बताती है कि NEP का यह एक स्ट्रक्चर कवि के साथ हरियाणा और यूपी बोर्ड समिति कि राज्यों में सबसे पहले लागू भी हो चुका है।

दिल्ली में ही यह बच्चा हुआ था। नई पॉलिसी ने स्कूलों में पढ़ाई का स्ट्रक्चर 10 + 2 की जगह 5 + 3 + 3 + 4 किया गया है, यानी की 3 से 8, 8 से 11, 11 से 14 और 18 से 18 साल। उन्निटेड रिकॉग्नाइज्ड प्राइवेट स्कूल की एक्शन कमेटी के प्रेसिडेंट भारत अरोरा का कहना है कि एजुकेशन सिस्टम के लिए सबसे अच्छा फैसला है। अभी भी जो उम्र का स्ट्रक्चर था, उसे दूसरे राज्यों से ट्रांसफर हुए स्टूडेंट के एडमिशन में काफी ज्यादा दिक्कत आ रहा था। अब एक जैसा क्राइटेरिया सब राज्यों में हो जाएगा।

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