Bihar New Highway : बिहार में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। बता दे कि जल्द ही एक नई फोर लाइन ग्रीन फील्ड सड़क की सौगात मिलने वाले हैं। यह सड़क दो बड़े जिलों को जोड़ेगी। जिससे कि शहर के बीच की दूरी कम होगी औरलोगों को आवागमन करने में आसानी होगी। आईए जानते हैं बिहार में कौन से ऐसे दो जिलों के बीच फोरलेन हाईवे का निर्माण किया जाएगा।
Bihar New Highway : बिहार को मिला एक और नया 4-लेन हाईवे।
सफर को सुरक्षित और समय की बचत के लिए राज्य सरकार सड़क परियोजना पर तेजी से कम कर रही है। आप सभी को बता दे कि बिहार राज्य में एक नया फोरलेन हाईवे का निर्माण किया जाएगा। बता दे की पटना और मुंगेर जिला को जोड़ने वाला एक नया फोरलेन ग्रीन फील्ड नेशनल हाईवे अब हकीकत में बनने वाला है।
मोकामा से मुंगेर तक बनने वाला ग्रीन फील्ड हाईवे परियोजना को केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल चुका है और जमीन अधिग्रहण की भी तैयारी अंतिम चरण पर है।
जुलाई के अंत तक भू अभिलेख की जांच हो जाएगी पूरी
बता दे कि फिलहाल लखीसराय जिले के भू -अर्जन कार्यालय में बडहडिया, चानन, पिपरिया, सूर्यगढ़ा और लखीसराय अंचल के 73 मौजों के जमीन से जुड़ा हुआ अभिलेख की जांच पड़ताल फिलहाल चल रही है। अधिकारियों की तरफ से बताया गया कि जुलाई महीने के लास्ट में आखिरी सप्ताह तकिया प्रक्रिया पूरा हो जाएगा। इसके बाद गजट अधिसूचना भी जारी किया जाएगा और भूमि अधिग्रहण की शुरूआत किया जाएगा।
लखीसराय में ही सड़क का बनेगा सबसे लंबा हिस्सा
हाईवे ग्रीनफील्ड सड़क मोकामा के घोषबड़ी से शुरू होकर लखीसराय, जमालपुर होते हुए मुंगेर के चैनपुरा तक जाएगा। कल निर्माण में लखीसराय जिला के हिस्से सबसे बड़े होंगे। यहां सड़क की लंबाई 57.9 किलोमीटर बनाई जाएगी। वही मोकामा (पटना) में 8.4 किलोमीटर और मुंगेर में 14.7 किलोमीटर लंबा सड़क बनेगा।
मोकामा मुंगेर टू-लेन सड़क का भी होगा चोरी कारण
बता दे कि केंद्र सरकार ने मौजूदा मोकामा मुंगेर NH- 80 को चौड़ीकरण करने की स्वीकृति दे दिया है। राज्य सरकार के अनुरोध पर यह नवंबर 2024 में मंजूरी दी गई थी, लेकिन निर्माण कार्य शुरू होने की तारीख फिलहाल तय नहीं हुआ है।
अधिकारी क्या बोले?
भू अर्जन प्रभारी पदाधिकारी राहुल कुमार जी की तरफ से बताया गया कि, ग्रीनफील्ड फोरलेन के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया बहुत ही जल्द शुरू होगी। अभिलेखों की जांच किया जा रहा है जैसे ही जांच पूरी होगी, इसके बाद ऐसी सूचना प्रकाशित किया जाएगा इसके बाद ही जमीन की अधिग्रहण होगी और फिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू किया जाएगा।